शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और विकास योजनाओं को तेज गति देने के लिए सभी सचिवों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब से मुख्य सचिव संजय गुप्ता सभी विभागों की बड़ी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करेंगे, ताकि योजनाएं समयबद्ध रूप से पूरी हों और जनता को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
अधूरी परियोजनाएं होंगी प्राथमिकता पर पूरी
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और डेटा स्टोरेज जैसे क्षेत्रों को राज्य सरकार ने शीर्ष प्राथमिकता में रखा है।
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कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार और पर्यटन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
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स्वास्थ्य क्षेत्र में सभी सात मेडिकल कॉलेजों को एम्स दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक तकनीक और उपकरणों से लैस करने की योजना है।
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ई-वाहनों को बढ़ावा देने और उनके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार करने पर जोर दिया गया।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की 90% आबादी गांवों में रहती है, इसलिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
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दूध के दामों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है।
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प्राकृतिक खेती से उगाई गई गेहूं, मक्की, जौ और हल्दी पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जा रहा है।
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प्राकृतिक खेती किसानों की आय का प्रमुख जरिया बन सकती है और कृषि विभाग को इस दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए।
आपदा नुकसान की रिपोर्ट जल्द तैयार करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष भी मॉनसून में हिमाचल प्रदेश को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। राज्य सरकार प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने राजस्व विभाग को आपदा से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट जल्द फाइनल कर केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत, ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


























