शिमला, 17 सितंबर 2025: उद्योग विभाग ने आज शिमला स्थित मुख्यालय में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की दूसरी वर्षगांठ बड़े उत्साह के साथ मनाई। इस अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों के लाभार्थियों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में योजना से जुड़े सकारात्मक बदलावों पर विस्तृत चर्चा भी हुई।
अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग आर.डी. नजीम ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा डॉक्यूमेंटरी का विमोचन किया, जिसमें परंपरागत कारीगरों के जीवन संघर्ष और उपलब्धियों को दिखाया गया। उन्होंने लाभार्थियों से संवाद कर योजना के प्रभाव पर विचार भी जाना। साथ ही, कारीगरों और अन्य लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया।
डॉ. यूनुस, निदेशक उद्योग ने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक 19,000 से अधिक आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 12,000 कारीगरों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कारीगरों को निरंतर सहयोग और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
अतिरिक्त निदेशक उद्योग तिलक राज शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना ने कारीगरों की आजीविका को सशक्त किया है और सतत विकास को प्रोत्साहित किया है। उन्होंने यह भी बताया कि उद्योग विभाग परंपरागत कौशल को बढ़ावा देने, ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने और समावेशी विकास के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त निदेशक प्रशासन डॉ. हरीश गज्जू, संयुक्त निदेशक दीपिका खत्री, अनिल ठाकुर, उपनिदेशक अंबिका सूद, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक संजय कंवर और एमएसएमई व बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े प्रमुख हितधारक भी उपस्थित रहे।

























