शिमला:
हिमाचल प्रदेश तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में अनेक सुधारवादी कदम उठाए हैं, जिससे प्रदेश तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा का नया हब बनकर उभर रहा है।
🎓 12,000 से अधिक युवाओं को मिला रोजगार
वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में आयोजित रोजगार मेलों, संयुक्त प्लेसमेंट ड्राइव और कैंपस भर्तियों के माध्यम से 12,378 युवाओं को रोजगार मिला है। साथ ही 14,421 से अधिक छात्र और 1,203 संकाय सदस्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ऑनलाइन लर्निंग प्राप्त कर चुके हैं।
🤖 एआई आधारित आधुनिक पाठ्यक्रमों से होगा भविष्य निर्माण
सरकार ने परंपरागत शिक्षा से आगे बढ़ते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और मेक्ट्रोनिक्स जैसे भविष्योन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अब 19 आधुनिक ट्रेड जोड़े गए हैं, जिससे युवाओं को नए युग की तकनीकी शिक्षा मिल रही है।
🏫 348 संस्थानों का मजबूत नेटवर्क
प्रदेश में वर्तमान में 348 तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) कार्यरत हैं। इनमें सरकारी और निजी इंजीनियरिंग कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई शामिल हैं। सुलह और जंडौर में नए सरकारी कॉलेजों की स्थापना ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई दिशा दी है।
🚀 ड्रोन प्रशिक्षण से खुले रोजगार के नए अवसर
हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के सहयोग से 11 सरकारी आईटीआई में ड्रोन सेवा तकनीशियन प्रशिक्षण शुरू किया गया है। अब तक 128 प्रशिक्षु प्रमाणित किए जा चुके हैं। सरकार राज्य में ड्रोन इकोसिस्टम तैयार कर रही है, जिससे युवाओं को तकनीकी रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
🏗️ संस्थानों की अधोसंरचना में बड़ा सुधार
एडीबी द्वारा वित्त पोषित हिमाचल प्रदेश कौशल विकास परियोजना के तहत 80.98 करोड़ रुपये की लागत से 50 आईटीआई, एक पॉलिटेक्निक और एक इंजीनियरिंग कॉलेज में आधुनिक उपकरण और स्मार्ट सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
इसके अलावा सौर संयंत्र, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम और कंप्यूटर लैब्स से संस्थान ग्रीन और डिजिटल कैंपस बन रहे हैं।
🌱 हरित और ऊर्जा कुशल शिक्षण संस्थान
केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत कई आईटीआई संस्थानों में ऑन-ग्रिड सोलर प्लांट, सौर स्ट्रीट लाइटें और बिजली-बचत इनवर्टर लगाए गए हैं। यह कदम प्रदेश को ऊर्जा कुशल और पर्यावरण अनुकूल तकनीकी शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।
🧭 हिमाचल बना तकनीकी शिक्षा का आदर्श राज्य
इन प्रयासों के फलस्वरूप हिमाचल प्रदेश तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में देश का आदर्श राज्य बनता जा रहा है। सरकार के सुधारों ने युवाओं को रोजगार प्रदाता और नवाचार के अग्रदूत के रूप में तैयार किया है।

























