हर महीने पौने दो करोड़ की आमदनी, अब और बढ़ने की उम्मीद
राज्य ब्यूरो प्रमुख — शिमला।
मशोबरा के खूबसूरत वर्जिन पाइन फॉरेस्ट में स्थित हिमाचल प्रदेश की बेशकीमती संपत्ति होटल वाइल्ड फ्लावर हॉल से अब राज्य सरकार की आय में बड़ा इजाफा होने जा रहा है। शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में होटल के संचालन के लिए ऑनलाइन ग्लोबल टेंडर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। यह टेंडर भारत सरकार की ई-कॉमर्स एजेंसी MSTC के माध्यम से किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद होटल का 100% स्वामित्व हासिल किया है। फिलहाल, जो कंपनी इस संपत्ति का संचालन कर रही है, वह हर महीने लगभग ₹1.75 करोड़ (पौने दो करोड़) का भुगतान कर रही है। नए ग्लोबल टेंडर से इस आय के और बढ़ने की उम्मीद है।
वर्तमान में होटल में 80 से अधिक कमरे हैं और पर्यटन सीजन के दौरान एक रात का किराया ₹1.5 से ₹1.75 लाख तक पहुंच जाता है। कैबिनेट ने टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के निर्देश दिए हैं। यह होटल इस समय मशोबरा रिज़ॉर्ट लिमिटेड (MRL) कंपनी के माध्यम से संचालित हो रहा है, जिसकी एकमात्र मालिक हिमाचल सरकार है।
⚖️ कानूनी जीत से हुआ बड़ा फायदा
हिमाचल उच्च न्यायालय के आदेश के तहत राज्य को संयुक्त उद्यम कंपनी (JVC) की बैंक राशि, शेयर और पूंजी पर 50% स्वामित्व मिला है। न्यायालय ने लगभग ₹320 करोड़ की राशि राज्य को हस्तांतरित करने का आदेश दिया है। इसके अलावा ₹25 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान भी राज्य को मिलेगा।
ईस्ट इंडिया होटल्स (EIH) की ₹13 करोड़ की शेयर होल्डिंग राज्य को दी जाएगी, जबकि ₹68 करोड़ की पूंजी वापस मिलने से राज्य को कुल ₹68 करोड़ का अतिरिक्त लाभ होगा। यह कानूनी मामला करीब 30 वर्षों से लंबित था।
🏛️ राज्य ने संभाला स्वामित्व
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद हिमाचल सरकार ने 31 मार्च 2025 को वाइल्ड फ्लावर हॉल का पूर्ण कब्जा ले लिया था। पहले राज्य को इस संपत्ति से कोई वित्तीय लाभ नहीं मिल रहा था, लेकिन मुख्यमंत्री सुक्खू के प्रयासों से अब यह होटल राज्य की राजस्व वृद्धि में बड़ा योगदान देगा।

























