नई दिल्ली, 28 अक्टूबर। देश में बढ़ती स्पैम कॉल्स और साइबर ठगी से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब मोबाइल फोन पर आने वाली हर कॉल में कॉलर का वास्तविक नाम स्क्रीन पर दिखेगा। यह सेवा उपभोक्ताओं को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के मिलेगी।
मुख्य बिंदु:
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टीआरएआई और संचार विभाग ने लागू की नई व्यवस्था
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कॉलर आईडी अब डिफॉल्ट फीचर होगा
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सिम कार्ड रजिस्ट्रेशन के समय दर्ज नाम दिखेगा
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हरियाणा और मुंबई में सफल ट्रायल के बाद देशव्यापी कार्यान्वयन
सुरक्षा लाभ:
इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को मिलेंगे यह फायदे:
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स्पैम कॉल्स की पहचान आसान
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साइबर ठगी से बचाव
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संदिग्ध नंबरों को पहचानने में सहूलियत
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कॉलर की वास्तविक पहचान की पुष्टि
विशेष स्थितियां:
कुछ मामलों में नाम नहीं दिखेगा:
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केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के अधिकारी
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विशेष सुरक्षा वाले व्यक्ति
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सीएलआईआर सुविधा वाले उपभोक्ता
सांख्यिकी:
भारत में स्पैम कॉल्स की स्थिति:
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60-65% लोग रोजाना 3 स्पैम कॉल्स का सामना
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साइबर ठगी का बड़ा स्रोत स्पैम कॉल्स
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ग्रामीण और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित
अतिरिक्त सुरक्षा उपाय:
उपभोक्ता इन उपायों से और सुरक्षा पा सकते हैं:
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टीआरएआई के डीएनडी 3.0 ऐप का उपयोग
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फोन सेटिंग्स में कॉलर आईडी और स्पैम प्रोटेक्शन सक्षम करना
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संदिग्ध कॉल्स की रिपोर्टिंग
प्रभाव:
इस नई व्यवस्था से:
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कम से कम 2% लोग स्पैम और ठगी से बच सकेंगे
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कॉल्स की विश्वसनीयता बढ़ेगी
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उपभोक्ताओं को बेहतर निर्णय लेने में मदद
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साइबर अपराधों पर अंकुश

























