15 सितंबर 1959 की शाम दिल्ली के एक छोटे स्टूडियो से दूरदर्शन ने भारत में टेलीविजन प्रसारण की शुरुआत की। उस दिन तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने दूरदर्शन के पहले प्रसारण का उद्घाटन किया था।
शुरुआत में दूरदर्शन पर सप्ताह में तीन दिन आधे घंटे के कार्यक्रम आते थे, जिनका मुख्य मकसद शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती-किसानी और सामाजिक जागरूकता जैसी आवश्यक जानकारियाँ प्रसारित करना था। समय के साथ दूरदर्शन ने देश के हर हिस्से, गाँव-शहर तक पहुँच बनायी और भारतीय परिवारों का अभिन्न हिस्सा बन गया।
70 और 80 के दशक में दूरदर्शन ने लोकप्रिय धारावाहिक जैसे “रामायण”, “महाभारत”, “चित्रहार”, “हम लोग”, “मालगुड़ी डेज़” जैसे कार्यक्रमों के जरिए मनोरंजन का नया आयाम स्थापित किया। 1982 में रंगीन प्रसारण शुरू होने के साथ दूरदर्शन और भी जीवंत हो गया।
आज दूरदर्शन के छह राष्ट्रीय और कई क्षेत्रीय चैनल देश और विदेश में करोड़ों दर्शकों तक अपनी पहुँच बनाए हुए हैं। यह केवल एक टीवी चैनल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और जनता की आवाज़ का एक बड़ा माध्यम है।
दूरदर्शन की 66वीं वर्षगांठ पर यह स्मरण करें कि यह चैनल भारत की एकता, शिक्षा और मनोरंजन का एक स्तंभ है, जिसने भारत को जोड़ने का महान कार्य किया है।

























