व्यापार और वीज़ा तनाव के बीच जयशंकर-रुबियो की न्यूयॉर्क में मुलाकात, द्विपक्षीय संबंध सुधारने पर जोर
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र के इतर न्यूयॉर्क में सोमवार को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस मुलाकात का उद्देश्य दोनों देशों के बीच हालिया तनावपूर्ण संबंधों को पटरी पर लाना माना जा रहा है। यह तनाव अमेरिकी सरकार द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50% शुल्क लगाने और H-1B वीज़ा शुल्क में बढ़ोतरी जैसे कदमों के बाद और बढ़ गया था।

बैठक न्यूयॉर्क के एक होटल में हुई, जहां दोनों नेताओं ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और कोई आधिकारिक बयान बैठक से पहले या बाद में नहीं दिया। बाद में सोशल मीडिया पर जयशंकर ने कहा,
“हमारी बातचीत में कई द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। हमने प्राथमिक क्षेत्रों में प्रगति के लिए लगातार संवाद बनाए रखने पर सहमति जताई है।”
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा,
“हमने द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख क्षेत्रों – व्यापार, ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, क्रिटिकल मिनरल्स और अन्य सहयोगी क्षेत्रों पर चर्चा की ताकि भारत और अमेरिका दोनों के लिए समृद्धि पैदा की जा सके।”‘

इस सप्ताह भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी अमेरिका में हैं और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के अगले दौर की तैयारियां चल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले फोन पर बातचीत कर इन वार्ताओं को फिर शुरू करने पर सहमति जताई थी।
हालांकि, हाल के दिनों में अमेरिका ने भारत के खिलाफ कुछ सख्त कदम भी उठाए हैं –
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ईरान में चाबहार पोर्ट परियोजना के लिए भारत को दी गई छूट रद्द कर दी।
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कुछ भारतीय कॉरपोरेट अधिकारियों के वीज़ा रद्द किए गए।
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H-1B वीज़ा आवेदन शुल्क को 1,00,000 डॉलर तक बढ़ाया गया, जिससे भारतीय IT कंपनियों और पेशेवरों पर सीधा असर पड़ेगा।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इन कदमों को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि इससे मानवीय संकट पैदा हो सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार (23 सितंबर 2025) को UNGA को संबोधित करेंगे, जबकि जयशंकर 27 सितंबर को महासभा में भाषण देंगे। यह जयशंकर की पिछले नौ महीनों में अमेरिका की पांचवीं आधिकारिक यात्रा है। वह आगे वॉशिंगटन डी.सी. भी जाएंगे। इस दौरे में क्वाड शिखर सम्मेलन पर भी चर्चा होने की संभावना है, जो नवंबर में दिल्ली में होना प्रस्तावित है।
ट्रंप ने हाल ही में फिर दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष को खत्म करवाया है। उन्होंने कहा,
“मैंने कहा कि अगर आप लोग लड़ेंगे तो हम व्यापार नहीं करेंगे। दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं और अंततः वे रुके।”
भारत कई बार ऐसे दावों का खंडन कर चुका है।
इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच बिगड़ते संबंधों को सुधारने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

























