कोलकाता में रातभर हुई भारी बारिश ने जनजीवन को ठप कर दिया। शहर के कई हिस्सों में घुटने से लेकर कमर तक पानी भर गया और कम से कम सात लोगों की मौत बिजली के करंट लगने से हो गई। “क्लाउडबर्स्ट जैसी” इस मूसलाधार बारिश ने ट्रैफिक को अस्त-व्यस्त कर दिया, रेल और हवाई सेवाएं बाधित रहीं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बारिश को “अभूतपूर्व” बताते हुए राज्य के सरकारी स्कूलों में दुर्गा पूजा की छुट्टियां दो दिन पहले घोषित कर दीं।

बारिश और जलभराव को लेकर सियासी जंग छिड़ गई है। भाजपा ने टीएमसी-शासित कोलकाता नगर निगम पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि दुर्गा पूजा की तैयारियां जलभराव से बाधित हो गई हैं और पंडाल डूबे पड़े हैं। भाजपा ने सोशल मीडिया पर लिखा,
“दुर्गा पूजा शुरू होने वाली है, लेकिन कोलकाता की खराब ड्रेनेज व्यवस्था के कारण पंडाल पानी में डूबे हैं। सीपीएम के वर्षों के अराजक शासन और टीएमसी के 15 साल के भ्रष्टाचार ने बंगालियों को उनके सबसे बड़े त्योहार पर भी परेशान कर दिया है।”
भाजपा ने साइंस सिटी के पास के पानी से भरे इलाकों का वीडियो शेयर कर लिखा,
“कोलकाता की हालत देखिए… अगर नागरिक जीवन की यह स्थिति है, तो कोई यहां निवेश करने के बारे में कैसे सोच सकता है? यह सिविल ऑर्डर का पूरी तरह से ध्वंस है।”
इस पर राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने जवाब देते हुए कहा कि यह बारिश असामान्य क्लाउडबर्स्ट के कारण हुई और भाजपा पर “विज्ञान को नकारने” और “दुश्मनी फैलाने” का आरोप लगाया।
उन्होंने लिखा,
“कल कोलकाता में दुर्लभ क्लाउडबर्स्ट हुआ। कुछ ही घंटों में लगभग 300 मिमी बारिश हुई। इतनी बारिश किसी भी शहर की व्यवस्था को हिला देती है। लेकिन भाजपा वैज्ञानिक तथ्यों और संवेदनशीलता को नजरअंदाज कर रही है। उनका मकसद केवल दर्द को हथियार बनाकर नफरत फैलाना है।”

महिला एवं बाल विकास मंत्री सशी पांजा ने भी भाजपा पर बरसते हुए कहा,
“संकट के समय नेतृत्व संवेदनशीलता और कार्रवाई से पहचाना जाता है। भाजपा इनमें से कुछ नहीं देती। वह केवल बंगाल का मजाक उड़ाती है जबकि उनके अपने राज्यों में थोड़ी-सी बारिश में ही जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।”


























