प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के स्वदेशी विकसित 4G स्टैक का उद्घाटन किया, जिससे देश के दूरसंचार ढांचे में एक बड़ा कदम दर्ज हुआ। यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब BSNL अपनी सिल्वर जुबली मना रहा है। इस पहल के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनमें डेनमार्क, स्वीडन, दक्षिण कोरिया और चीन भी शामिल हैं, जो अपना टेलीकॉम उपकरण खुद बनाते हैं।
पीएम मोदी ने कहा,
“यह लॉन्च भारत की यात्रा को निर्भरता से आत्मविश्वास तक ले जाने का प्रतीक है। यह रोजगार, निर्यात, वित्तीय पुनरुद्धार को गति देगा और आत्मनिर्भर भारत के विज़न को आगे बढ़ाएगा।”
पूरी तरह से ‘स्वदेशी’ तकनीक पर आधारित यह 4G नेटवर्क, डिजिटल इंडिया के विज़न को मजबूत करेगा, डिजिटल डिवाइड को कम करेगा और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाएगा।

स्वदेशी 4G नेटवर्क की खास बातें
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यह क्लाउड-आधारित 4G स्टैक भविष्य के लिए तैयार है और इसे आसानी से 5G में अपग्रेड किया जा सकता है।
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इस तकनीक से BSNL को पूरे देश में तेजी से नेक्स्ट-जेनरेशन सेवाएं शुरू करने में मदद मिलेगी।
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इस लॉन्च के तहत 26,700 से अधिक अब तक अनकनेक्टेड गांवों को जोड़ा जाएगा, जिनमें 2,472 गांव ओडिशा के हैं। इनमें से कई गांव सीमावर्ती और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में हैं।
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BSNL के नए टावर ओडिशा, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, असम, गुजरात और बिहार में स्थापित किए गए हैं।
97,500 से अधिक मोबाइल टावर कमीशन
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प्रधानमंत्री ने 97,500 से अधिक मोबाइल टावर कमीशन किए, जिनमें से 92,600 टावर 4G-इनेबल्ड हैं।
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इन टावरों के निर्माण पर लगभग ₹37,000 करोड़ की लागत आई है।
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यह नेटवर्क 20 लाख से अधिक नए सब्सक्राइबर्स को सेवा देने में सक्षम होगा।
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सभी टावर सोलर-पावर्ड हैं, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा ग्रीन टेलीकॉम क्लस्टर बन गया है।
100% 4G सैचुरेशन नेटवर्क
पीएम मोदी ने डिजिटल भारत निधि के माध्यम से भारत का 100% 4G सैचुरेशन नेटवर्क भी लॉन्च किया, जिसके तहत 29,000 से 30,000 गांव मिशन मोड में कनेक्ट किए जा रहे हैं।

























