प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मणिपुर पहुंचे। मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हुई जातीय हिंसा के बाद यह उनका पहला मणिपुर दौरा है। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका आठवां मणिपुर दौरा है। इससे पहले वे 2014 से 2022 के बीच सात बार राज्य का दौरा कर चुके हैं।
भारी बारिश के बावजूद प्रधानमंत्री ने इंफाल से सड़क मार्ग से चुराचांदपुर की यात्रा की। इंफाल एयरपोर्ट पर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने उनका स्वागत किया।
PM मोदी इस दौरे के दौरान इंफाल और चुराचांदपुर जिलों में करीब 8,500 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा वे दोनों स्थानों पर जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे।

🔸 PM के दौरे से पहले बड़ा कदम: केंद्र और कुकी संगठनों के बीच नया समझौता
प्रधानमंत्री के दौरे से 10 दिन पहले, यानी 4 सितंबर को, दिल्ली में एक अहम समझौता हुआ। केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार, कुकी संगठन Kuki-Zomi Coordination Committee (KZC) और United People’s Front (UPF) के बीच Suspension of Operations (SoO) एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते के बाद, कुकी-जो मणिपुर को नगालैंड और पूर्वोत्तर से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे NH-2 खोल दिया गया, जो मई 2023 की हिंसा के बाद से बंद था। यह मार्ग कुकी बहुल इलाकों को मैतेई बहुल इलाकों से जोड़ता है और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में अहम भूमिका निभाता है।
अब इस रास्ते से लोगों और जरूरी सामान की आवाजाही बिना रुकावट हो सकेगी। KZC ने भरोसा दिलाया है कि वह भारत सरकार द्वारा तैनात सुरक्षा बलों के साथ मिलकर NH-2 पर शांति बनाए रखने में सहयोग करेगा।
🔸 कांग्रेस ने जताया दौरे का स्वागत
2023 की हिंसा के बाद विपक्ष लगातार प्रधानमंत्री से मणिपुर जाने की मांग कर रहा था। अब जब पीएम वहां पहुंचे हैं, कांग्रेस ने उनके दौरे का स्वागत किया है। पार्टी सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा, “मणिपुर की समस्या लंबे समय से चल रही है, अच्छा है कि प्रधानमंत्री अब वहां जा रहे हैं।”
🔸 2017 की याद: पारंपरिक मणिपुरी टोपी में दिखे थे मोदी
गौरतलब है कि 2017 के मणिपुर दौरे में प्रधानमंत्री मोदी ने मोरपंखों से सजी पारंपरिक मणिपुरी टोपी पहनी थी। यह टोपी पारंपरिक रास लीला नृत्य में भगवान कृष्ण की भूमिका निभाने वाले कलाकारों द्वारा पहनी जाती है।

























