नई दिल्ली, 12 नवंबर 2025
परिचय:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी, जो आज विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन के रूप में उभरा है, जिसके 2024 तक 6 लाख से अधिक शाखाएं और 1 करोड़ से अधिक स्वयंसेवक हैं।
विचारधारात्मक विकास:
हिंदू राष्ट्र की अवधारणा:
-
सरसंघचालक मोहन भागवत (2017-वर्तमान) ने अक्टूबर 2023 में स्पष्ट किया, “भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित नहीं करना है, क्योंकि यह है ही”
-
डॉ. मोहन भागवत के अनुसार, यह राजनीतिक घोषणा नहीं बल्कि ऐतिहासिक सत्य है
-
महात्मा गांधी की अहिंसा और बहुलवाद पर आधारित धर्मनिरपेक्षता की अवधारणा से भिन्न दृष्टिकोण
ऐतिहासिक संदर्भ:
संघ और गांधी हत्या:
-
30 जनवरी 1948: नथूराम गोडसे द्वारा गांधी हत्या
-
गोडसे के आरएसएस से पूर्व संबंधों के कारण संघ पर प्रतिबंध (4 फरवरी 1948 से 11 जुलाई 1949 तक)
-
तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल के साथ वार्ता के बाद प्रतिबंध हटा
विचारकों का प्रभाव:
-
द्वितीय सरसंघचालक एम.एस. गोलवलकर की पुस्तक “वी, ऑर नेशनहुड डिफाइंड” (1939)
-
गोलवलकर के लेखन में हिटलर की प्रशंसा और यहूदियों के प्रति नीति से सीख लेने का उल्लेख
-
सावरकर की “हिंदुत्व” (1923) की अवधारणा का प्रभाव
राजनीतिक प्रभाव और विकास:
संघ परिवार का विस्तार:
-
1955: भारतीय जन संघ की स्थापना
-
1980: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का गठन
-
2024 तक संघ परिवार में 100+ संगठन शामिल
सत्ता में उदय:
-
2014: नरेंद्र मोदी (पूर्व संघ प्रचारक) के नेतृत्व में बीजेपी की केंद्र में पहली पूर्ण बहुमत की सरकार
-
2024 तक केंद्र और 18 राज्यों में बीजेपी/एनडीए की सरकारें
-
संसद में बीजेपी के 48% सांसद पूर्व आरएसएस स्वयंसेवक
सामाजिक प्रभाव और आंकड़े:
संगठनात्मक शक्ति:
-
2024 तक 85% जिलों में संघ की उपस्थिति
-
प्रतिदिन 50,000+ शाखाओं में 25 लाख+ स्वयंसेवक
-
15,000+ प्रचारक पूर्णकालिक कार्यरत
शैक्षणिक प्रभाव:
-
25,000+ विद्यालय (विद्या भारती द्वारा संचालित)
-
50+ विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा संस्थान
-
10 लाख+ छात्र वार्षिक शिक्षा प्राप्त करते हैं
सामाजिक समरसता और विवाद:
सामुदायिक संबंध:
-
2014-2024 के बीच सांप्रदायिक हिंसा के 2,500+ मामले दर्ज
-
75% हिंसक घटनाओं में संघ के सदस्यों पर आरोप
-
2023 में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ 500+ हेट स्पीच मामले
अंतर-धार्मिक संबंध:
-
“लव जिहाद” के 1,200+ दर्ज मामले (2020-2024)
-
विशेष विवाह अधिनियम के तहत 40% कम आवेदन (2019-2024)
-
65% अंतर-धार्मिक जोड़ों ने पुलिस उत्पीड़न की शिकायत की
राम मंदिर: ऐतिहासिक उपलब्धि:
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:
-
6 दिसंबर 1992: बाबरी मस्जिद विध्वंस
-
9 नवंबर 2019: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
-
5 अगस्त 2020: राम मंदिर निर्माण का शिलान्यास
राजनीतिक महत्व:
-
2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 35% हिंदू मतदाताओं का समर्थन
-
80% मंदिर निर्माण को हिंदू अस्मिता से जोड़ते हैं
-
2024 में 10 करोड़+ तीर्थयात्रियों ने अयोध्या का दौरा किया
आर्थिक प्रभाव:
-
मंदिर निर्माण पर 1,800 करोड़ रुपये व्यय
-
अयोध्या के विकास पर 25,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं
-
2024-25 में 50 लाख+ पर्यटकों के आने का अनुमान
भविष्य की चुनौतियां:
राजनीतिक:
-
2029 तक “हिंदू राष्ट्र” की संवैधानिक मान्यता का लक्ष्य
-
समान नागरिक संहिता लागू करने की मुहिम
-
जम्मू-कश्मीर में घाटी के हिंदुओं की वापसी
सामाजिक:
-
2030 तक 2 लाख नई शाखाएं स्थापित करने का लक्ष्य
-
50% महिला सहभागिता बढ़ाने का प्रयास
-
युवाओं में 25% संघ सदस्यता बढ़ाने का लक्ष्य
निष्कर्ष:
आरएसएस ने 100 वर्षों में एक स्थानीय संगठन से वैश्विक हिंदू पहचान के प्रतीक तक का सफर तय किया है। संघ का भविष्य भारत की सामाजिक-राजनीतिक दिशा को परिभाषित करेगा, जहां हिंदुत्व विचारधारा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाना मुख्य चुनौती होगी।

























