नई दिल्ली, [5-11-25] – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आज हरियाणा में मतदाता सूची में व्यापक और सुनियोजित हेराफेरी का पर्दाफाश किया है, जिसे “वोट चोरी” करार देते हुए इसे जनादेश चुराने का एक सुनियोजित और केंद्रीकृत प्रयास बताया। पार्टी ने खुलासा किया कि राज्य में 25 लाख से अधिक मतदाता प्रविष्टियाँ फर्जी, संदेहास्पद या अमान्य पाई गईं, जो मतदाता सूची में हर 8 में से 1 मतदाता के बराबर हैं।
The H Files
I will be addressing another #VoterChori Press Conference today at 12pm, watch it LIVE. pic.twitter.com/pCOQ5nSBGb
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 5, 2025
हरियाणा विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जहाँ कांग्रेस कई एक्जिट पोल और डाक मतों में बढ़त के बावजूद महज 22,779 मतों के अंतर से 8 प्रमुख सीटों पर चुनाव हार गई।
जांच में सामने आए प्रमुख तथ्य:
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डुप्लीकेट मतदाता (5,21,619): एक ही विधानसभा क्षेत्र में समान नाम, रिश्तेदार का नाम और उम्र वाली 5.21 लाख प्रविष्टियाँ मिलीं। 1.24 लाख प्रविष्टियों में एक ही फोटो का इस्तेमाल किया गया है। राई सीट पर एक ब्राज़ीलियन मॉडल की स्टॉक फोटो को सीमा, स्वीटी, सरस्वती जैसे अलग-अलग नामों से 22 बार शामिल किया गया था।
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अमान्य पते (93,174): 93,000 से अधिक मतदाता ‘मकान नंबर 0’ जैसे अमान्य पतों पर पंजीकृत पाए गए, जिससे सत्यापन असंभव है।
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बल्क वोटर (19,26,351): हरियाणा में 19 लाख से अधिक ऐसी प्रविष्टियाँ हैं, जहाँ एक ही मकान नंबर पर 20 से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। एक भाजपा नेता के घर पर 66 मतदाता तो एक अन्य अस्तित्वहीन घर पर 501 मतदाता पंजीकृत पाए गए।
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यूपी-हरियाणा में डबल वोटर: हजारों लोग यूपी और हरियाणा दोनों जगहों के मतदाता सूची में शामिल पाए गए, जिनमें भाजपा के सरपंच भी शामिल हैं।
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बड़े पैमाने पर मतदाता हटाए जाने की घटना: लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच 3.5 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए, जिनमें से कई ने लोकसभा चुनाव में वोट डाला था।
कांग्रेस ने इसे ‘सरकार चोरी’ करार देते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने मशीनरी की मदद से एक पार्टी के पक्ष में चुनावी परिणाम बदलने की कोशिश की है। पार्टी ने मांग की कि चुनाव आयोग तुरंत मशीन-रीडेबल मतदाता सूचियाँ और सीसीटीवी फुटेज जारी करे, डुप्लीकेट हटाने के लिए मौजूदा सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करे और एक उच्चस्तरीय जांच शुरू करे।
कांग्रेस ने कहा कि वह लोकतंत्र की बहाली और संविधान की रक्षा के लिए इस ‘वोट चोरी’ के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी।

























