चंडीगढ़, 29 सितंबर 2025। पंजाब विजीलेंस ब्यूरो ने राज्यभर में भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला एसएएस नगर के थाना लालडू में तैनात सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) बलजिंदर सिंह को 30,000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
शिकायत के आधार पर कार्रवाई
विजीलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई एक शिकायत के बाद की गई। शिकायतकर्ता, जो मूल रूप से गांव छन्ना गुलाब सिंहवाला (जिला बठिंडा) का निवासी है और वर्तमान में खरड़ की गिलको वैली (जिला एसएएस नगर) में रह रहा है, ने ब्यूरो को शिकायत दी थी।

उसने बताया कि आरोपी एएसआई उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 406 और 420 के तहत दर्ज मामले की जांच कर रहा था। इसी दौरान उसने उससे ₹1,30,000 की रिश्वत की मांग की थी। बदले में जांच में ढील देने, पुलिस रिमांड के दौरान 10 लाख की कथित ठगी की रकम की वसूली से बचाने और कब्जे में ली गई उसकी कार (जिसे रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया था) छोड़ने का वादा किया गया था।
ऑडियो रिकॉर्डिंग बनी सबूत
शिकायतकर्ता ने आरोपी एएसआई की पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी और इसे विजीलेंस ब्यूरो को सबूत के तौर पर सौंप दिया। शिकायत मिलते ही विजीलेंस ने भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज कर टीम का गठन किया।
ढाबे पर रिश्वत लेते पकड़ा गया
योजना के मुताबिक, आरोपी एएसआई ने शिकायतकर्ता को लालडू के नेशनल हाईवे स्थित पंजाबी वैष्णो ढाबे पर मिलने बुलाया। वह अपनी निजी गाड़ी में आया और वहीं पर शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त ₹30,000 लेते हुए विजीलेंस टीम ने उसे दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
आगे की जांच जारी
विजीलेंस ब्यूरो ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है।


























