350वीं शहीदी शताब्दी के दौरान तख्त श्री केसगढ़ साहिब तक मुख्य मार्ग बंद करना उचित नहीं: जत्थेदार गड़गज्ज

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350वीं शताब्दी में तख्त केसगढ़ साहिब मार्ग विवाद

श्री आनंदपुर साहिब, 14 अक्टूबर (JANTAK KHABAR ): तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार और श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा है कि नवंबर महीने में श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहीदी और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरुगद्दी प्राप्ति की 350वीं शताब्दी के आयोजनों के दौरान पंजाब सरकार द्वारा तख्त साहिब तक जाने वाले मुख्य मार्ग को विरासत मार्ग बनाने के नाम पर बंद करना और गड्ढे खोदना उचित नहीं है।

संगतों को हो रही परेशानी

जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अंतरंग समिति ने 13 मई 2025 को तख्त श्री केसगढ़ साहिब तक जाने वाले मार्ग को विरासत मार्ग बनाने के लिए शर्तें तय कर प्रस्ताव पारित किया था, जो सरकार को भेजा गया था। लेकिन सरकार ने समय रहते कार्य शुरू करने के बजाय शताब्दी आयोजनों से ठीक एक महीने पहले कार्य शुरू कर दिया और मुख्य मार्ग बंद कर गड्ढे खोद दिए, जिससे संगतों को भारी परेशानी हो रही है।

तुरंत कार्य बंद करने की मांग

जत्थेदार ने कहा कि 21 से 29 नवंबर तक शताब्दी के मुख्य आयोजन श्री आनंदपुर साहिब में होंगे, इसलिए सरकार को विरासत मार्ग का कार्य तुरंत बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगतों ने बड़ी संख्या में नगर कीर्तन के रूप में श्री आनंदपुर साहिब आना शुरू कर दिया है और मुख्य मार्ग बंद होने से उन्हें परेशानी हो रही है।

विरासत मार्ग की स्पष्टता

जत्थेदार गड़गज्ज ने स्पष्ट किया कि शिरोमणि कमेटी के प्रस्ताव में रूपनगर-नंगल मुख्य सड़क की ओर किसी प्रकार का गेट या दीवार बनाने का कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि विरासत मार्ग का अर्थ है कि मौजूदा विरासत को सुरक्षित रखा जाए, न कि उसमें छेड़छाड़ की जाए।

सरकार से अपील

जत्थेदार ने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब खालसा की जन्म भूमि है, इसलिए इसके आसपास या रास्तों में कोई बदलाव खालसा पंथ की सामूहिक राय और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सुझाव के अनुसार ही किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह शहर में सुविधाएं और सफाई बेहतर बनाने पर ध्यान दे।

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Author: Jantak khabar

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