शिमला। “आपका बेटा क्रिमिनल केस में फंस गया है… पैसा भेज दो, मामला रफा-दफा हो जाएगा।” इस तरह का मैसेज या कॉल अगर आपको मिले तो सावधान हो जाइए। साइबर ठग अब नए तरीके से लोगों को ठग रहे हैं। इसे डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड कहा जाता है।
शिमला साइबर सैल को ऐसी कई शिकायतें मिल चुकी हैं और लोगों को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है।

क्या है Digital Arrest फ्रॉड?
डिजिटल अरेस्ट एक साइबर क्राइम तकनीक है, जिसमें ठग किसी व्यक्ति को वीडियो कॉल करते हैं और ऐसा माहौल बनाते हैं मानो वह किसी पुलिस स्टेशन या सरकारी जांच एजेंसी के ऑफिस में बैठे हों।
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कॉल करने वाले ठग कहते हैं कि आपका आधार कार्ड, बैंक अकाउंट या सिम कार्ड गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहा है।
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वे डर का माहौल बनाकर पीड़ित को घर में ही “कैद” कर देते हैं।
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पूरे वीडियो कॉल के दौरान वे व्यक्ति को किसी को कॉल या मैसेज नहीं करने देते।
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इसके बाद पैसे की मांग करके ठगी की जाती है।
साइबर सेल की सलाह
एसपी साइबर क्राइम रोहित मालपानी ने कहा कि अगर कोई कॉलर आपके परिवार के सदस्य के नाम पर पैसे की मांग करता है तो तुरंत उस सदस्य से सीधे संपर्क करें। बिना पुष्टि किए किसी की भी बातों में न आएं।
अगर आपको लगता है कि आपके साथ साइबर फ्रॉड की कोशिश की जा रही है, तो तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं।


























