हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रभावितों को राज्य सरकार के साथ-साथ बैंक भी राहत देने जा रहे हैं। शिमला में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की अध्यक्षता में हुई स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (SLBC) की बैठक में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को बैंकिंग स्तर पर सहायता देने पर सहमति बनी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रभावित कर्जदारों को एक साल की मोरेटोरियम अवधि के साथ कर्ज पुनर्गठन (Restructuring) का लाभ दिया जाएगा।
कृषि ऋण में राहत
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33%–50% तक नुकसान: 2 साल तक पुनर्भुगतान की छूट
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50% से अधिक नुकसान: 5 साल तक पुनर्भुगतान की छूट
अन्य क्षेत्रों को भी लाभ
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एमएसएमई, पर्यटन, कुटीर उद्योग और गैर-कृषि ऋण पर भी मोरेटोरियम और पुनर्गठन लागू होगा।
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बीमा राशि को पुनर्गठित ऋण में समायोजित करने पर भी विचार हुआ।
इसके लिए आरबीआई के रीजनल डायरेक्टर अनुपम किशोर की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
मुख्य सचिव ने बताया कि हिमाचल में आपदा से प्रभावित:
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6.5 लाख कृषि खाते
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2 लाख एमएसएमई खाते
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8 लाख अन्य खाते
पर राहत पैकेज देने पर सहमति बनी है।

बैंकवार प्रभावित लोन खाते
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बैंक ऑफ बड़ौदा – 29,820
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बैंक ऑफ इंडिया – 10,525
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एसबीआई – 42,443
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एचडीएफसी बैंक – 2,61,540
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यूको बैंक – 1,89,148
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अन्य बैंक – 4,15,394
👉 कुल प्रभावित खाते: 9,48,870
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी बैंक अपने उच्च अधिकारियों से बातचीत कर जल्द राहत पैकेज की अधिसूचना जारी करेंगे, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके।

























