शिमला।
बाल अधिकारों के संरक्षण और विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), शिमला के सहयोग से आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, छोटा शिमला में एक विधिक सहायता शिविर का आयोजन किया।
यह शिविर “बाल अधिकारों के संरक्षण” विषय पर केंद्रित था, जिसमें डॉ. रंजना और रंजीता के मार्गदर्शन में 25 से अधिक विधि छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस कार्यक्रम को DLSA शिमला की विधिक अधिकारी साक्षी और इंदु मंडला का सहयोग प्राप्त हुआ।
शिविर के दौरान इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से छात्रों को भारतीय कानून के अंतर्गत बच्चों को प्राप्त विभिन्न अधिकारों और संरक्षणों की जानकारी दी गई। इसमें POCSO अधिनियम, जुवेनाइल जस्टिस अधिनियम, और शिक्षा का अधिकार अधिनियम पर विशेष ध्यान दिया गया।
टीम ने छात्रों की सहभागिता बढ़ाने के लिए रोल-प्ले, समूह चर्चा और जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित कीं, जिससे छात्रों ने कानूनी विषयों को व्यावहारिक रूप से समझा।
विद्यालय के छात्रों ने बाल सुरक्षा, विद्यालय में सुरक्षा उपायों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका पर कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे।
विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए आयोजन टीम को धन्यवाद दिया कि उन्होंने इतने संवेदनशील और महत्त्वपूर्ण विषय पर जागरूकता फैलाने के लिए उनके विद्यालय को चुना।

























