मान सरकार दलित विरोधी है – निपुण शर्मा

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मान सरकार दलित विरोधी है, झूठे आरोप लगा रही शर्मा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला अध्यक्ष निपुण शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान जिला महासचिव बिंदूसर शुक्ला, जसविंदर सिंह, चिंटू हंस, एस.एम. सिद्धू, महिंदरपाल सैनी, अमरजीत सिंह लाडी, बलबीर सिंह विरदी, विजय कुमार, अशोक कुमार और बलविंदर सिंह उपस्थित रहे।

जिला अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि पंजाब की भगवंत मान सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए भाजपा को दलित विरोधी बताने की झूठी कहानियां गढ़ रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर हमले की कड़ी निंदा करती है और ऐसी घटिया हरकतें किसी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं।
शर्मा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) इस घटना को दलितों का मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है, जो पूरी तरह गलत है।

उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति संवैधानिक पद संभालता है, तो पूरे देश को उसका सम्मान करना चाहिए। लेकिन आप और अन्य विपक्षी दल इस घटना को दलित असुरक्षा से जोड़कर यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि भाजपा दलित विरोधी है — “इससे बड़ी घृणित हरकत और कोई नहीं हो सकती।”

शर्मा ने कहा कि हरियाणा में एक आईपीएस अधिकारी की आत्महत्या मामले में कार्रवाई चल रही है और किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मगर ‘आप’ इस मुद्दे का भी राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है।

भाजपा नेता ने कहा कि आम आदमी पार्टी दलितों के नाम पर वोट मांगती है, पर उन्हें वह सम्मान नहीं देती जिसकी वे हकदार हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि सत्ता में आने के बाद ‘आप’ ने घोषणा की थी कि पंजाब का मुख्यमंत्री दलित समुदाय से होगा, लेकिन अब तक कोई दलित उपमुख्यमंत्री नहीं बनाया गया।

इसी तरह, राज्यसभा में भी कोई दलित नेता नहीं भेजा गया, जबकि ‘आप’ के सांसद और विधायक पंजाब से ही हैं। शर्मा ने यह भी कहा कि ‘आप’ सरकार के एक विधायक पर SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज है, जबकि दूसरे विधायक पर यौन शोषण के आरोप लगे थे।

उन्होंने कहा कि अगर मान सरकार सच में दलितों की हितैषी होती, तो SC छात्रों की छात्रवृत्ति बंद नहीं करती।
इस लापरवाही के कारण दो दलित छात्रों को फीस और छात्रवृत्ति न मिलने से अंतिम परीक्षा से बाहर कर दिया गया।

शर्मा ने कहा कि मान सरकार के शासनकाल में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को तोड़ा गया, लेकिन आज तक सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

उन्होंने आगे कहा —
“तेलंगाना और कर्नाटक में कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां दलितों के घर जलाए जाते हैं, उन्हें मारा-पीटा जाता है, यहां तक कि एक दलित विधायक का घर भी फूंक दिया गया। फिर भी कांग्रेस और उसके सहयोगी ‘आप’ चुप हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी भाजपा शासित राज्यों में कोई घटना होती है, तो कांग्रेस और उसके सहयोगी दल भाजपा और आरएसएस को बदनाम करने की साजिश रचते हैं।
लेकिन पंजाब की जनता अब इन पार्टियों की घटिया मानसिकता को पहचान चुकी है।

Vivek Singh
Author: Vivek Singh

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