आश्विन शुक्ल दशमी तिथि पर हर साल दशहरा मनाया जाता है। इसे असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक माना जाता है। इस दिन दुर्गा पूजन का समापन और शस्त्र पूजा का विशेष महत्व होता है।
जवाली के ज्योतिषाचार्य पंडित विपन शर्मा के अनुसार, इस साल दशहरा 1 अक्टूबर शाम 7:01 बजे से शुरू होकर 2 अक्टूबर शाम 7:10 बजे तक रहेगा। इस दिन रवि योग, सुकर्मा योग और धृति योग बन रहे हैं, जो मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं।
👉 शस्त्र पूजा मुहूर्त: दोपहर 2:09 से 2:56 बजे तक
👉 ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:38 से 5:26 बजे तक
👉 अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:46 से 12:34 बजे तक
👉 विजय मुहूर्त: दोपहर 2:09 से 2:56 बजे तक
👉 रावण दहन का समय: सूर्यास्त शाम 6:06 बजे के बाद प्रदोष काल में
रवि योग और सुकर्मा योग में किए गए कार्य सफल माने जाते हैं और इनसे शुभ फल की प्राप्ति होती है।



























